हरियाणा बोर्ड में एक छात्रा ने उत्तर की जगह लिख दिया, ‘सर मुझे पास कर देना नहीं तो मेरा रिश्ता टूट जाएगा’
बोर्ड चेयरमैन बोले, ऐसी भावनात्मक अपीलों का मूल्यांकन पर असर नहीं

सत्य खबर हरियाणा
Board Exam : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई बोर्ड की परीक्षाओं की आंसर शीट को जांचने का काम चल रहा है। यूं तो बोर्ड का परिणाम काफी अच्छा रहता है लेकिन फिर भी कई बार परीक्षार्थी शिक्षकों के सामने खुद को पास करने की गुहार भावनात्मक अपील के साथ लगाते हैं। एक छात्रा ने लिखा, सर मुझे पास कर देना नहीं तो मेरा रिश्ता टूट जाएगा। एक अन्य छात्र ने, मेरी मां बीमार थी इसलिए पढ़ाई नहीं कर सका कृपया मुझे पास कर देना।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पवन कुमार ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस साल भी पिछले सालों की तरह कुछ ऐसे मामले उनके संज्ञान में आए हैं। उनका कहना है कि कोई भी छात्र या छात्रा गुहार से पास नहीं होगा, बल्कि वह अपनी योग्यता पर ही पास होगा। उनका मानना है कि कई छात्र मानसिक दबाव या डर के कारण इस तरह की बातें लिख देते हैं लेकिन इस प्रकार की बात का उत्तर पुस्तिका का आंकलन कर रहे शिक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ता है। मूल्यांकन पूरी तरह से नियमों और लिखे गए उत्सव के आधार पर ही होता है।
बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राएं उत्तर पुस्तिका में अपना और स्कूल का विवरण भी दे देते हैं जो पूरी तरह से गलत है। उतर पुस्तिका में छात्र या उसके स्कूल की पहचान दर्ज नहीं की जा सकती और जिन छात्र छात्राओं ने पहचान दर्ज करवाई है उनके खिलाफ केस बनाया जाएगा। लेकिन जिन छात्र छात्राओं ने केवल भावनात्मक अपील की है उनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर पवन कुमार ने कहा, ये पूरा मामला सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि छात्रों के बढ़ते मानसिक दबाव को भी उजागर करता है। परीक्षा का तनाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक दबाव कई बार छात्रों को इस तरह के कदम उठाने पर मजबूर कर देता है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वो ऐसा ना करें। इससे कुछ नहीं होने वाला।
बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि, ऐसे कई संदेश अध्यापकों को कॉपियों में पढ़ने को मिले, जिससे जांच के दौरान हैरानी और संवेदनशीलता दोनों देखने को मिली। मार्किंग के दौरान ये भी सामने आया कि कुछ छात्रों ने अपनी पहचान या स्कूल का नाम भी उत्तर पुस्तिका में लिख दिया। बोर्ड के नियमों के अनुसार ये गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि जिन छात्रों ने बिना पहचान के सिर्फ भावनात्मक अपील लिखी है, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन साफ किया गया है कि ऐसी अपील का मूल्यांकन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन पूरी तरह नियमों और लिखे गए उत्तरों के आधार पर ही होता है। छात्रों को परीक्षा के दौरान केवल प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए, किसी तरह का निजी संदेश या पहचान लिखना नियमों के खिलाफ है।
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